ज़िन्दगी कितनी महान है,
बिलकुल माँ जैसी.
खाली, पर भरी भरी सी.
कभी न ख़त्म होने का अहसास देती.
हर किसी को पैदा करती,
देखभाल करती अच्छे से
और हाँ _
ये तुम में हर वक्त है मौजूद.
जब चाहो इसे बुला लो.
इससे खेलो मत,
इसके साथ खेलो.
थक जाओ तो
बैठ जाओ इसकी गोद में
और आराम कर लो.
शायद फिर
कभी न थक पाओगे ..
Wednesday, 6 May 2020
माँ _ 6
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