Monday, 4 May 2020

एक नया सवेरा _ 1

वो जीवन
जिसको बताया जा सके
वो जीवन नहीं.
जिसको नाम दिया जा सके
वो भी जीवन नहीं.
जिसका कोई नाम नहीं,
सचमुच जीवन वही..
नाम से शुरू हुए सब काम
इच्छाओं से मुक्त होकर तुमने पा लिया सब कुछ
इच्छाओं में रहकर तुम सिर्फ देखते रहे
सब कुछ होते हुए.
ये खोना पाना सब आया एक जगह से
और वो है गहन अँधेरा
अँधेरे के भीतर गहराता एक और  अँधेरा
और यहीं है _
सब कुछ दिखलाता एक नया सवेरा ..

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